BIG NEWS- Income Tax-GST भरने वाले व्यापारियों को निशाना बनाकर, करी लाखों की ठगी, हुई शिकायत,आई कोतवाली पुलिस एक्शन मे,किया निलेश सिंह को गिरफ्तार,पढ़े खबर

Income Tax-GST भरने वाले व्यापारियों को निशाना बनाकर,

BIG NEWS- Income Tax-GST भरने वाले व्यापारियों को निशाना बनाकर, करी लाखों की ठगी, हुई शिकायत,आई कोतवाली पुलिस एक्शन मे,किया निलेश सिंह को गिरफ्तार,पढ़े खबर

मंदसौर - पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंदसौर तेर सिंह बघेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक मंदसौर जितेन्द्र सिंह भास्कर के निर्देशन तथा थाना प्रभारी कोतवाली पुष्पेन्द्र सिंह राठौर के नेतृत्व में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा टैक्स संबंधी धोखाधड़ी के एक आरोपी को जिला मैहर के थाना रामनगर क्षेत्र से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई है।

आरोपी द्वारा आयकर एवं जीएसटी भरने वाले व्यापारियों को निशाना बनाकर धोखाधड़ी का नया तरीका अपनाते हुए लाखों रुपये की ठगी की गई तथा शासन को भी राजस्व हानि पहुंचाई गई।

घटना का संक्षिप्त विवरण

दिनांक 11-01-2026 को फरियादी प्रभुलाल माली निवासी रामटेकरी, मंदसौर द्वारा थाना कोतवाली पर लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया। फरियादी के अनुसार आरोपी नीलेश सिंह विगत लगभग 7-8 वर्षों से उनके जीएसटी एवं आयकर से संबंधित कार्य देख रहा था। आरोपी पूर्व में प्रतीक डोसी की कंपनी में कार्यरत था, वहीं से फरियादी का उससे परिचय हुआ।

वर्ष 2017 से आरोपी द्वारा स्वतंत्र रूप से फरियादी का जीएसटी/आईटी कार्य संभाला गया। इस दौरान आरोपी ने फरियादी के जीएसटी अकाउंट में दर्ज मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी को बदलकर अपने मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी दर्ज कर दी, जिससे जीएसटी रिबेट एवं अन्य शासकीय सूचनाएं सीधे फरियादी तक न पहुंच सकें।

आरोपी द्वारा फरियादी के जीएसटी अकाउंट से फर्जी बिलों के माध्यम से अन्य फर्मों को अवैध रूप से जीएसटी रिबेट पास किया गया, जिससे शासन को लाखों रुपये की राजस्व हानि हुई तथा आरोपी ने कमीशन के रूप में अवैध लाभ अर्जित किया।

मई 2025 में जब फरियादी को शासकीय भुगतान प्राप्त हुआ और जून 2025 में रिटर्न भरने हेतु आरोपी से संपर्क किया गया, तो आरोपी द्वारा संपर्क नहीं किया गया। बाद में आरोपी के किराये के मकान पर पहुंचने पर ज्ञात हुआ कि वह लगभग 5-6 माह पूर्व मकान खाली कर फरार हो चुका है।

अन्य टैक्स सलाहकार से संपर्क करने पर धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 31/2026 धारा 318(4), 316(2), 316(5) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

गिरफ्तारी व पूछताछ

विवेचना के दौरान संयुक्त पुलिस टीम का गठन कर आरोपी की तलाश की गई, जिसे लगभग 800 किलोमीटर दूर जिला मैहर से गिरफ्तार किया गया।प्रारम्भिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने वर्ष 2017 से 2024 तक फरियादी का जीएसटी/आईटी कार्य किया तथा रिबेट को अन्य फर्मों को पास कर फरियादी को लगभग 15 से 20 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया। वास्तविक नुकसान से संबंधित डेटा आरोपी के लैपटॉप में सुरक्षित पाया गया है।आरोपी से रिबेट किन-किन फर्मों को पास की गई, इस संबंध में पूछताछ एवं लैपटॉप तथा अन्य दस्तावेजों की जब्ती हेतु दिनांक 30-01-2026 तक पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है।

अपराध से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

आरोपी को लगभग 800 किमी दूर से गिरफ्तार किया गया।

यह धोखाधड़ी जीएसटी/आईटी भरने वाले व्यापारियों को टारगेट कर की गई।

जिन फर्मों को अवैध लाभ पहुंचाया गया, उन्हें भी प्रकरण में आरोपी बनाया जाएगा।

आरोपी द्वारा शासन एवं फरियादी दोनों को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई।

अन्य व्यापारियों के खातों की भी जांच की जाएगी।

आरोपी के कई बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिन्हें फ्रीज कराया जाएगा।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस टीम को कोहरा व प्रतिकूल मौसम का सामना करना पड़ा।

माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी का 8 दिवस का पुलिस रिमांड स्वीकृत किया गया।

अपील

मंदसौर पुलिस आमजन, व्यापारियों एवं सर्विस सेक्टर से जुड़े व्यक्तियों से अपील करती है कि वे अपने जीएसटी/आईटी खातों में दर्ज ई-मेल आईडी एवं मोबाइल नंबर स्वयं के ही रखें तथा समय-समय पर जीएसटी रिबेट की जांच करें, जिससे इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।

थाना कोतवाली की उपलब्धियां

विगत माहों में धोखाधड़ी के 13 प्रकरणों में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा 39,43,839 रुपये नगद एवं लाखों रुपये के मूल्यवान दस्तावेज जब्त कर पीड़ितों को राहत पहुंचाई गई है।

गिरफ्तार आरोपी

नीलेश सिंह पिता भगवत प्रसाद बैंस उम्र 44 वर्ष, निवासी ममरहा, थाना रामनगर, जिला मैहर (म.प्र.)

सरहानीय कार्य

थाना प्रभारी पुष्पेन्द्र सिंह राठौर,उनि संदीप मौर्य,प्रआर 402 कमलेश सिंह भदौरिया,प्रआर 639 आशीष बैरागी (सायबर सेल),प्रआर 235 मुजफ्फउद्दीन शेख (सायबर सेल),आर 924 अरुण मालवीय,आर 563 अमित पांचाल का सराहनीय योगदान रहा।