NEWS: सख्त नियम, सनातन मर्यादा और अटूट आस्था, भक्ति, परंपरा और संस्कार का संगम, गोकुलधाम में भक्तिभाव से विराजित हुईं माँ जगदम्बा, ट्रैक्टर-ट्रॉली पर भव्य नगर भ्रमण, तो ढोल की थाप पर डांडिया रास, जानें आरती व गरबा का समय!, पढ़े ये खबर

सख्त नियम, सनातन मर्यादा और अटूट आस्था, भक्ति, परंपरा और संस्कार का संगम, गोकुलधाम में भक्तिभाव से विराजित हुईं माँ जगदम्बा, ट्रैक्टर-ट्रॉली पर भव्य नगर भ्रमण, तो ढोल की थाप पर डांडिया रास, जानें आरती व गरबा का समय!

NEWS: सख्त नियम, सनातन मर्यादा और अटूट आस्था, भक्ति, परंपरा और संस्कार का संगम, गोकुलधाम में भक्तिभाव से विराजित हुईं माँ जगदम्बा, ट्रैक्टर-ट्रॉली पर भव्य नगर भ्रमण, तो ढोल की थाप पर डांडिया रास, जानें आरती व गरबा का समय!, पढ़े ये खबर

नीमच। शारदीय नवरात्रि के पावन महापर्व के अवसर पर रविवार को गोकुलधाम कॉलोनी में आस्था और उमंग का अनूठा संगम देखने को मिला। गोकुलधाम गरबा उत्सव समिति एवं समस्त कॉलोनीवासियों के संयुक्त तत्वावधान में ‘माँ जगदम्बा नवरात्रि गरबा महोत्सव’ का शुभारंभ भव्य शोभायात्रा व विधि-विधान से घट स्थापना के साथ हुआ।

​सुबह कॉलोनी के मुख्य द्वार से माताजी का पूरे आदर-सत्कार के साथ अगवानी कर आगमन कराया गया। फूलों व ध्वजों से सुसज्जित ट्रैक्टर-ट्रॉली में माँ जगदम्बा की पावन प्रतिमा को विराजित कर पूरी कॉलोनी में भव्य नगर भ्रमण कराया गया। इस दौरान ढोल-ताशों की गूंज और डीजे पर बजते सुमधुर माता के भजनों पर कॉलोनी की मातृशक्ति, पुरुषों और नन्हीं-मुन्नी बालिकाओं ने डांडिया खड़काते हुए भक्तिमय गरबा नृत्य किया। पूरे मार्ग में ‘जय माता दी’ के जयकारों से वातावरण धर्ममय हो उठा।

भ्रमण के पश्चात दोपहर में कॉलोनी स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर गरबा पंडाल में पंडितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच घट स्थापना कर माताजी को विराजित किया गया। अब आगामी नौ दिनों तक कॉलोनीवासी माँ की भक्ति और डांडिया रास में लीन रहेंगे।

​गरबा व महाआरती का रहेगा यह समय-
​गरबा आयोजन प्रतिदिन सायं 7:30 बजे से,
महाआरती प्रतिदिन रात्रि 11:30 बजे विधि-विधान से आरती संपन्न होगी।
​प्रसाद वितरण प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए पंडाल में ही स्वल्पाहार व प्रसाद तैयार कर वितरित किया जाएगा। श्रद्धालु भी अपनी ओर से सामग्री देकर वहीं भोग प्रसाद बनवा सकते हैं।

सनातन परंपरा और मर्यादा का रखा जाएगा पूरा ध्यान-
​गरबा उत्सव समिति ने स्पष्ट किया है कि यह आयोजन विशुद्ध सनातन धर्म की मर्यादा अनुसार आयोजित किया जा रहा है, जिसके लिए सख्त नियम तय किए गए हैं।  
​पारंपरिक वेशभूषा अनिवार्य: गरबा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पारंपरिक परिधान पहनना जरूरी रहेगा।  
​फिल्मी गीतों पर रोक: गरबा में केवल माता के भक्तिमय व पारंपरिक गीत ही बजेंगे, किसी भी प्रकार के फिल्मी या फूहड़ गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।  
​पृथक गरबा मंडल: महिलाएँ केवल महिलाओं के साथ तथा पुरुष पुरुषों के साथ ही गरबा करेंगे।  
​फोटोग्राफी पर मर्यादा: पंडाल में बहन-बेटियों की सहमति से ही उनकी तस्वीर ली जा सकेगी; किसी भी अन्य पुरुष द्वारा अवांछित फोटो या वीडियोग्राफी करना वर्जित रहेगा।  
​नशे पर पूर्ण पाबंदी: गरबा परिसर में कॉलोनी या बाहर के किसी भी व्यक्ति के नशा करके आने पर सख्त मनाही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत वैधानिक व कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।  
​समिति ने समस्त धर्मप्रेमी जनता व कॉलोनीवासियों से इस पुनीत धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता कर धर्मलाभ लेने की अपील की है।