BIG NEWS : ढाबे का वेटर बना पुलिस का ‘सीक्रेट एजेंट’: 3 करोड़ की अफीम के साथ बाप-बेटा तस्कर धराए,मंदिर, मुखबिर और मूवमेंट… हर कदम पर नजर: ANTF ने फिल्मी स्टाइल में रचा ऑपरेशन,बड़े बड़े अब नपेंगे,ये नाम आये सामने,पढ़े ये खबर

ढाबे का वेटर बना पुलिस का ‘सीक्रेट एजेंट’: 3 करोड़ की अफीम के साथ बाप-बेटा तस्कर धराए,मंदिर, मुखबिर और मूवमेंट… हर कदम पर नजर

BIG NEWS : ढाबे का वेटर बना पुलिस का ‘सीक्रेट एजेंट’: 3 करोड़ की अफीम के साथ बाप-बेटा तस्कर धराए,मंदिर, मुखबिर और मूवमेंट… हर कदम पर नजर: ANTF ने फिल्मी स्टाइल में रचा ऑपरेशन,बड़े बड़े अब नपेंगे,ये नाम आये सामने,पढ़े ये खबर

जालोर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने राजसमंद के देवगढ़ इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए 58 किलो अफीम का दूध जब्त किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में कुख्यात तस्कर भंवर सिंह और उसके बेटे जितेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है, जो अलग-अलग गाड़ियों में माल लेकर जा रहे थे।

‘मंदिर से मिशन’ और पुलिस की घेराबंदी: हर ट्रिप में सांवरिया सेठ के दर्शन---
पूछताछ में खुलासा हुआ कि भंवर सिंह हर तस्करी ट्रिप में मंडफिया स्थित सांवरिया सेठ मंदिर जरूर जाता था। वह रात में वहीं रुकता और फिर अगले दिन माल लेकर रवाना होता था।
टीम ने भी उसी पैटर्न को पकड़ते हुए मंदिर तक उसका पीछा किया और गुप्त रूप से रातभर निगरानी रखी। अगले दिन जैसे ही दोनों बाप-बेटे अलग-अलग गाड़ियों में निकले, पुलिस ने पूरा प्लान एक्टिव कर दिया।

टायर पंक्चर कर फिल्मी स्टाइल में गिरफ्तारी: बेटे को पहले निकलने दिया, फिर बाप को दबोचा---
देवगढ़ के पास पुलिस ने पहले बेटे जितेंद्र की बोलेरो को निकलने दिया, जो रास्ता क्लियर कर रहा था। जैसे ही पीछे आ रही भंवर सिंह की कार पहुंची, टीम ने उसका टायर पंक्चर कर दिया और मौके पर ही दबोच लिया।
संपर्क टूटने पर जितेंद्र भी रुक गया, जिसे चारों तरफ से घेरकर गिरफ्तार कर लिया गया।

8 साल जेल में रहा, फिर भी नहीं सुधरा: पहले भी NCB के केस में पकड़ा गया था

आईजी विकास कुमार ने बताया कि भंवर सिंह लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था।

साल 2013 में एनसीबी ने उसे अफीम तस्करी में गिरफ्तार किया था
करीब 8 साल जेल में रहा
बाहर आने के बाद भी तस्करी जारी रखी
मारवाड़ जंक्शन थाने में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज है।

ढाबे का वेटर बना मुखबिर: दो बार बचा, तीसरी बार फंस गया-----
पुलिस को इस ऑपरेशन में सबसे बड़ी सफलता मुखबिर से मिली।
भंवर सिंह हर बार एक ही ढाबे पर खाना खाता था। टीम ने ढाबे के वेटर को ही मुखबिर बना लिया।
इसी सूचना के आधार पर पता चला कि वह चित्तौड़ की तरफ माल लेने जाएगा और वापस इसी रूट से लौटेगा—यहीं पुलिस ने जाल बिछाकर उसे पकड़ लिया।

अब बड़े नेटवर्क की तलाश: कई सरगनाओं के नाम आए सामने

पूछताछ में भंवर सिंह ने कई बड़े तस्करों के नाम उजागर किए हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क को तोड़ने की तैयारी में है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इन नामो में नए पुराने तस्कर शामिल है जिनकी तूती मालवा मेवाड़ क्षेत्र में बोलती है- सूत्र