BIG NEWS : पति की हत्या करने वाली पत्नी को आजीवन कारावास, लोहे के हथौड़े और धारदार छुरी से गला काटकर की थी हत्या, 6 साल पुराने मामले में आया फैसला, मामला कुकडेश्वर थाना क्षेत्र का, पढ़े ये खबर
पति की हत्या करने वाली पत्नी को आजीवन कारावास, लोहे के हथौड़े और धारदार छुरी से गला काटकर की थी हत्या,
मनासा (नीमच)। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मनासा श्री आशुतोष यादव द्वारा एक सनसनीखेज हत्या मामले में आरोपी पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने आरोपी ममता पति तूफान बंजारा (उम्र 25 वर्ष), निवासी ग्राम आमद, तहसील मनासा, जिला नीमच को धारा 302 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 2000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया।
-6 वर्ष पुरानी है घटना, सोते समय की गई थी हत्या
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा ने बताया कि घटना दिनांक 22 सितम्बर 2020 की है। दोपहर लगभग 11 से 12 बजे के बीच थाना कुकड़ेश्वर को सूचना मिली कि ग्राम आमद में एक व्यक्ति की हत्या हो गई है। सूचना मिलते ही एसआई निलेश सौलंकी मौके पर पहुंचे, जहां पाया गया कि मृतक तूफान बंजारा की उसके ही घर में गला काटकर हत्या की गई थी। मामले में अपराध दर्ज कर विवेचना निरीक्षक कैलाशचंद्र चौहान द्वारा की गई।
-प्रेम प्रसंग और जबरन विवाह बना हत्या का कारण
जांच में सामने आया कि मृतक तूफान बंजारा का नातरा विवाह आरोपी ममता से हुआ था। प्रारंभ में दोनों साथ रह रहे थे, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि ममता की पहले भी शादी हो चुकी थी और वह अपने पहले पति व 6 माह के बच्चे को छोड़ चुकी थी। साथ ही, गांव के ही एक युवक से उसके लंबे समय से प्रेम संबंध थे। परिवार द्वारा जबरन मृतक से विवाह कराने के चलते वह असंतुष्ट थी। हथौड़े से वार कर छुरी से गला काटा घटना के दिन जब घर के अन्य सदस्य मजदूरी पर गए हुए थे और मृतक घर में सो रहा था, तभी आरोपी ममता ने पहले उसके सिर पर लोहे के हथौड़े से वार किया और बाद में धारदार छुरी से गला काटकर उसकी हत्या कर दी।
-वैज्ञानिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल से हुआ खुलासा
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके और उसके प्रेमी के कॉल रिकॉर्ड सहित अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।
-गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर हुआ दोष सिद्ध
विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक गुलाबसिंह चंद्रावत द्वारा महत्वपूर्ण गवाहों के बयान और कॉल डिटेल सहित सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने अपराध को संदेह से परे प्रमाणित मानते हुए आरोपी को कठोर दंड दिया।
-शासन की ओर से प्रभावी पैरवी
प्रकरण में शासन की ओर से सफल पैरवी अपर लोक अभियोजक गुलाबसिंह चंद्रावत द्वारा की गई।