NEWS: नई अफीम नीति को लेकर किसानों ने उठाई आवाज, ₹1 लाख किलो मूल्य सहित कई मांगें, प्रधानमंत्री से लेकर नारकोटिक्स कमिश्नर के नाम सौंपा ज्ञापन, पढ़े खबर
नीमच, 18 सितंबर। नई अफीम नीति जल्द घोषित करने और उसमें अफीम उत्पादक किसानों की मांगों को शामिल करने की मांग को लेकर भारतीय अफीम किसान संघर्ष समिति मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं उत्तरप्रदेश ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, वित्त राज्य मंत्री, मध्यप्रदेश एवं राजस्थान के मुख्यमंत्री तथा नारकोटिक्स कमिश्नर के नाम डिप्टी कलेक्टर चंद्र सिंह धारवे को ज्ञापन सौंपा।
समिति के अध्यक्ष भोपाल सिंह चौहान एवं प्रवक्ता शैलेंद्र सिंह ठाकुर ने जारी प्रेस नोट में बताया कि नई अफीम नीति को सर्वसमावेशी बनाया जाए तथा किसानों की विभिन्न मांगों को इसमें शामिल किया जाए। ज्ञापन का वाचन समिति के संयोजक मांगीलाल मेघवाल ने किया।
ज्ञापन में अफीम का मूल्य एक लाख रुपए प्रति किलोग्राम किए जाने की मांग की गई। साथ ही वर्ष 1990 से काटे गए सभी अफीम पट्टे लूणी-घिरनी के आधार पर दिए जाने की मांग रखी गई, ताकि लंबे समय से अफीम की खेती का इंतजार कर रहे किसानों को खेती का अवसर मिल सके।
किसानों ने कहा कि मॉर्फिन यूनिट पर निर्भर रहना किसानों के लिए उचित नहीं है, क्योंकि मॉर्फिन अफीम की प्रकृति पर निर्भर करती है। ज्ञापन में 3.0 किलोग्राम प्रति किलोग्राम हेक्टेयर के आधार पर मॉर्फिन के लाइसेंस दिए जाने की मांग भी रखी गई।
अफीम लाइसेंस के नामांतरण को लेकर भी किसानों ने मांग रखी कि पारिवारिक मनमुटाव और विवादों को रोकने के लिए राजस्व रिकॉर्ड के अनुरूप सभी किसान भाइयों के नाम से नामांतरण खोला जाए।
इसके अलावा किसानों ने धारा 8/29 हटाने, डोडाचूरा को एनडीपीएस एक्ट से बाहर करने, सीपीएस पद्धति को पूर्ण रूप से समाप्त करने तथा अफीम की प्रोसेसिंग को निजी हाथों में नहीं दिए जाने की मांग की। डोडाचूरा की खरीदी सरकार द्वारा पुनः शुरू करने और इसका मूल्य 2,000 रुपए प्रति किलोग्राम निर्धारित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
ज्ञापन सौंपने के दौरान राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न गांवों से आए अफीम उत्पादक किसान मदन सिंह, गोपालसिंह चुंडावत, कन्हैयालाल, दिलीप सिंह, निर्भय राम आंजना, सूरजमल पाटीदार, बंटीलाल शर्मा, मोहनलाल बंजारा, गुणवंत लाल राठौर, संतोष अहीर, मन्नालाल नागदा सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।