BIG NEWS: "आखिरकार टूट गया पाबंदी का ताला! केंद्र सरकार के बड़े फैसले से कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई बहाल, होटल-रेस्टोरेंट और शादी उद्योग में खुशी की लहर", पढ़े खबर
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कॉमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की आपूर्ति पर लगी पाबंदी हटा दी है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आदेश के अनुसार अब कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई पहले की तरह सामान्य रूप से की जाएगी। इस फैसले से होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग व्यवसाय और शादी-विवाह आयोजकों को बड़ी राहत मिलेगी, जो पिछले कुछ समय से गैस सिलेंडरों की सीमित उपलब्धता के कारण परेशान थे।

मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक अब कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा और उपभोक्ताओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि नए घरेलू एलपीजी कनेक्शनों पर लगी रोक फिलहाल जारी रहेगी और इस संबंध में कोई नया निर्णय नहीं लिया गया है।

वहीं बल्क इंडस्ट्री एलपीजी (Bulk LPG) की सप्लाई पर सरकार ने आंशिक राहत दी है। औद्योगिक इकाइयों को मार्च 2026 से पहले के उपभोग स्तर के 50 प्रतिशत तक गैस आपूर्ति की अनुमति प्रदान की गई है।

शादी समारोहों में गैस संकट से मिलेगी राहत
अब तक शादी-विवाह जैसे आयोजनों के लिए अतिरिक्त कॉमर्शियल सिलेंडर लेने हेतु जिला रसद अधिकारी से विशेष अनुमति लेनी पड़ती थी और अधिकतम चार सिलेंडर ही जारी किए जाते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं रहेगी और जरूरत के अनुसार सिलेंडर आसानी से प्राप्त किए जा सकेंगे।

ऑयल कंपनियों को मिला डेटाबेस तैयार करने का निर्देश
केंद्र सरकार ने HPCL, BPCL और IOCL को सभी कॉमर्शियल एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं का विस्तृत डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कंपनियों को क्षेत्रवार रिकॉर्ड संधारित करने तथा पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) अपना चुके उपभोक्ताओं को उसी व्यवस्था में बनाए रखने को कहा गया है।

कीमतों की मार से पहले ही परेशान हैं उपभोक्ता
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता बहाल होने के बावजूद कीमतें उपभोक्ताओं की चिंता का विषय बनी हुई हैं। राजस्थान में वर्तमान में 19 किलो का कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 3,141 रुपये में मिल रहा है। वर्ष 2026 में इसकी कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। जहां दिसंबर के अंत तक यही सिलेंडर 1,608 रुपये में उपलब्ध था, वहीं जून तक इसकी कीमत लगभग दोगुनी हो गई। जनवरी से जून के बीच कंपनियां छह बार कीमतों में बढ़ोतरी कर चुकी हैं।
सरकार के इस निर्णय से कॉमर्शियल गैस की उपलब्धता सुनिश्चित होने की उम्मीद है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग और आयोजन उद्योग को राहत मिलेगी तथा व्यवसायिक गतिविधियों को गति मिलेगी।