BREAKING NEWS: तीसरी-चौथी रेल पटरी के सर्वे पर लगा ब्रेक! सांसद की रेलवे बोर्ड से दो टूक चर्चा, अब दोनों समितियों की साझा बैठक से निकलेगा रास्ता, पढ़े खबर
नागदा। रेलवे की प्रस्तावित तीसरी और चौथी रेल पटरी को लेकर चल रहे विरोध के बीच मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। उज्जैन-आलोट सांसद अनिल फिरोजिया ने रेलवे बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कर फिलहाल सर्वे का काम रोकने को कहा है। सांसद की इस पहल के बाद प्रस्तावित रेल मार्ग से प्रभावित किसानों, ग्रामीणों और अन्य लोगों में राहत की उम्मीद जगी है।

सांसद फिरोजिया ने इस मुद्दे पर नागदा विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान से भी चर्चा की। उन्होंने आंदोलन कर रही दोनों समितियों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए साझा बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया, ताकि आपसी संवाद के माध्यम से विवाद का समाधान निकाला जा सके।

विकास जरूरी, लेकिन प्रभावितों के हित भी सर्वोपरि
सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि रेलवे का विस्तार क्षेत्र के विकास और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन विकास की प्रक्रिया में किसानों, व्यापारियों, ईंट-भट्ठा संचालकों, श्रमिकों और अन्य प्रभावित लोगों के हितों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि सभी पक्षों के बीच समन्वय बनाकर ऐसा रास्ता तलाशना जरूरी है, जिसमें विकास के साथ जनहित भी सुरक्षित रहे।

रूट को लेकर पहले से तेज था विरोध
तीसरी-चौथी रेल पटरी के प्रस्तावित सर्वे और रूट को लेकर पिछले दिनों क्षेत्र में विरोध लगातार तेज हुआ था। प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के साथ ईंट-भट्ठा संचालकों, श्रमिकों तथा अन्य लोगों की ओर से प्रस्तावित मार्ग में बदलाव और वैकल्पिक रूट की मांग उठाई जा रही थी। इसी बीच सांसद द्वारा रेलवे बोर्ड से चर्चा कर सर्वे रोकने की पहल को पूरे मामले में अहम कदम माना जा रहा है।

अब साझा बैठक पर टिकी नजरें
सर्वे फिलहाल होल्ड किए जाने के बाद अब सबकी निगाहें आंदोलनरत दोनों समितियों की प्रस्तावित साझा बैठक पर टिकी हैं। यदि बैठक में सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए कोई सहमति बनती है तो लंबे समय से चल रहा गतिरोध खत्म होने की उम्मीद है। वहीं, रेलवे परियोजना को लेकर आगे की दिशा भी इसी संवाद और सहमति पर काफी हद तक निर्भर मानी जा रही है।