BIG NEWS: मरा हुआ शख्स बना जमीन का वारिस… फिर खुला ऐसा राज कि उड़ गए अधिकारियों के होश! नीमच में फर्जी वारिस बनाकर करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश का पर्दाफाश, पूर्व सरपंच-तहसीलदार समेत 6 पर केस, पढ़े खबर
नीमच जिले के बेंसला गांव में फर्जी वारिस बनाकर कृषि भूमि हड़पने के सनसनीखेज मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) भोपाल ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि मृतक केदार मीणा की जमीन हथियाने के लिए सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और प्रशासनिक रिकॉर्ड में हेरफेर कर नामांतरण तक करा दिया गया।

मामले में EOW भोपाल ने शिकायत क्रमांक 772/25 की जांच के बाद छह आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

इन आरोपियों पर दर्ज हुआ मामला
भगवान मीणा पिता केशलाल मीणा निवासी बेंसला तहसील रामपुरा जिला नीमच
प्रेमलाल मीणा तत्कालीन सरपंच ग्राम पंचायत बेंसला तहसील रामपुरा जिला नीमच
श्री नाथू राम मेवाड़ा सचिव ग्राम पंचायत बेंसला तहसील रामपुरा जिला नीमच
श्री बुरगरा पाटीदार तत्कालीन पटवारी बेंसला तहसील रामपुरा जिला नीमच निवासी ग्राम देवरी खवासा जिला नीमच
श्री वी.के. मीणा तत्कालीन तहसीलदार रामपुरा जिला नीमच
अन्य सहयोगी व्यक्ति

ऐसे रचा गया जमीन हड़पने का पूरा खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी भगवान मीणा ने खुद को मृतक केदार मीणा का पुत्र बताकर फर्जी वारिस प्रमाण पत्र तैयार कराया। इसके लिए तत्कालीन सरपंच और सचिव द्वारा झूठे दस्तावेज और पंचनामा तैयार किया गया। बाद में तत्कालीन पटवारी ने असत्य प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और तहसीलदार ने उसी आधार पर नामांतरण आदेश जारी कर दिया।

आरोप है कि आरोपियों ने मिलकर राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर भगवान मीणा को मृतक का वैध वारिस साबित करने की कोशिश की, ताकि करोड़ों रुपए की कृषि भूमि पर कब्जा किया जा सके।

EOW ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 420, 467, 468, 471, 120-बी सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरे मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक तंत्र में भी हड़कंप मच गया है।