BREAKING NEWS: मंदिर की जमीन पर कब्जे की कोशिश! उखाड़ फेंकी जाली, की सराय दीवारों में तोड़फोड़, कलेक्टर से लगाई गुहार, पढ़े खबर
नीमच । ग्राम भमेसर स्थित श्रीराम-लक्ष्मण-जानकी मंदिर की भूमि पर कथित कब्जे के प्रयास को लेकर विवाद सामने आया है। मंगलवार को समस्त मेघवाल समाज पंचों ने कलेक्टर कार्यालय नीमच पहुंचकर शिकायत आवेदन सौंपा और मंदिर की भूमि को कब्जे से मुक्त कराने की मांग की।

शिकायत में समाज पंचों ने बताया कि ग्राम भमेसर स्थित श्रीराम-लक्ष्मण-जानकी मंदिर मेघवाल समाज का है। मंदिर की भूमि, मंदिर की सराय तथा मंदिर से लगी सर्वे नंबर 571, भूखंड संख्या 447 की भूमि पर गोपाल पिता वरदीचंद, संतोषबाई पति गोपाल एवं हरीश पिता गोपाल द्वारा कथित रूप से कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
आवेदन के अनुसार, 3 अक्टूबर 2026 को समाज के पंचों द्वारा सराय के मुख्य गेट पर जाली लगवाई जा रही थी, इसी दौरान विपक्षी पक्ष ने कथित रूप से जाली निकालकर फेंक दी। समाज पंचों ने सराय की कुछ दीवारों में भी तोड़फोड़ किए जाने का आरोप लगाया है। विरोध करने पर लड़ाई-झगड़े की स्थिति बनने की बात भी शिकायत में कही गई है।

1992 के दानपत्र का दिया हवाला
मेघवाल समाज पंचों ने शिकायत में बताया कि मंदिर की भूमि भंवरलाल पिता गमेरजी एवं मांगीलाल पिता उदाजी निवासी भमेसर द्वारा 28 अक्टूबर 1992 को दान में मेघवाल समाज को दी गई थी। तब से उक्त भूमि पर समाज का कब्जा एवं अधिकार चले आने का दावा किया गया है। दानपत्र की छायाप्रति और बी-1 खसरा नकल भी आवेदन के साथ संलग्न करने की बात कही गई है।
समाज पंचों के अनुसार मंदिर की सराय के निर्माण के लिए समाज द्वारा चंदा एकत्रित किया गया था और करीब 10 लाख रुपए की लागत से पंचों द्वारा निर्माण कार्य कराया गया।

कलेक्टर से कब्जा हटवाने की मांग
मेघवाल समाज पंचों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की जांच कर मंदिर की भूमि पर किए जा रहे कथित कब्जे के प्रयास को रोका जाए तथा भूमि को कब्जे से मुक्त कराया जाए। साथ ही मंदिर एवं सराय की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।