NEWS- सेवा,संकल्प और श्रमदान से संवरा श्मशान घाट,खड़ावदा के युवाओं ने रच दिया उदाहरण,पढ़े खबर
सेवा,संकल्प और श्रमदान से संवरा श्मशान घाट
रिपोर्ट – मनीष जोलानिया
मनासा। तहसील मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर ग्राम खड़ावदा में गांव के युवाओं ने सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। युवाओं ने श्रमदान के माध्यम से गांव के श्मशान घाट का सौंदर्यीकरण कर उसकी तस्वीर ही बदल दी। उनकी इस सराहनीय पहल की क्षेत्रभर में प्रशंसा हो रही है।
गांव के युवाओं ने बताया कि सोशल मीडिया पर कुकडेश्वर गांव में चल रहे सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों को देखकर उन्हें भी अपने गांव के लिए कुछ सकारात्मक करने की प्रेरणा मिली। इसके बाद सभी युवाओं ने आपसी सहमति से श्मशान घाट की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया।

युवाओं द्वारा प्रतिदिन करीब दो घंटे श्रमदान किया जा रहा है। यह कार्य पिछले 17 दिनों से लगातार जारी है, जिसके परिणामस्वरूप श्मशान घाट की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई और व्यवस्थित स्वरूप देने से अब श्मशान घाट पहले से कहीं अधिक स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित नजर आ रहा है।युवाओं का कहना है कि यह सौंदर्यीकरण कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि श्मशान घाट को स्थायी रूप से स्वच्छ और व्यवस्थित रखा जा सके।

सोशल मीडिया से मिली प्रेरणा
युवाओं ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर कुकडेश्वर गांव में हो रहे विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों को देखा, जिससे प्रेरित होकर उन्होंने भी अपने गांव में कुछ सकारात्मक करने का संकल्प लिया। युवाओं ने अपने समय और निजी खर्च से श्रमदान कर इस कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

गणतंत्र दिवस पर हुआ सम्मान
युवाओं की इस सामाजिक पहल से प्रभावित होकर गणतंत्र दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत द्वारा श्रमदान करने वाले युवाओं का सम्मान किया गया। वहीं ग्रामीणों ने भी युवाओं के इस कार्य की खुले दिल से प्रशंसा करते हुए इसे अन्य गांवों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। ग्राम खड़ावदा के युवाओं की यह पहल न केवल स्वच्छता का संदेश दे रही है, बल्कि सामाजिक एकजुटता, जिम्मेदारी और सेवा भाव की भी मिसाल बन गई है।
