BIG BREAKING : काका गाडगिल डेम में ‘मछली माफिया’ का आतंक! रोकने गए चौकीदारों पर पत्थरबाजी, दी धमकी, शिकायतों के बाद भी नहीं रुका अवैध मत्स्याखेट, बड़े टकराव का खतरा, पढ़े नरेंद्र राठौर की ये खबर

BIG BREAKING : काका गाडगिल डेम में ‘मछली माफिया’ का आतंक! रोकने गए चौकीदारों पर पत्थरबाजी, दी धमकी, शिकायतों के बाद भी नहीं रुका अवैध मत्स्याखेट, बड़े टकराव का खतरा, पढ़े नरेंद्र राठौर की ये खबर

पिपलिया स्टेशन। क्षेत्र के काका गाडगिल सागर डेम में अवैध रूप से मछली पकड़ने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। मत्स्य सहकारी समिति के पास डेम का वैध लीज होने के बावजूद कुछ लोग खुलेआम अवैध मत्स्याखेट कर रहे हैं। कई बार शिकायतों के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से मछली चोरों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

लगातार हो रहे विवादों को देखते हुए समिति के सदस्यों और चौकीदारों ने किसी बड़ी अनहोनी की आशंका भी जताई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक संचालक मत्स्योद्योग विभाग ने मल्हारगढ़ व पिपलियामंडी थाना प्रभारी को पत्र भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं मत्स्य ठेकेदार ने भी संबंधित थानों में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए अवैध मत्स्याखेट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार काका गाडगिल डेम का मत्स्याखेट मत्स्योद्योग सहकारी समिति के माध्यम से लीज पर दिया गया है। समिति की ओर से मंदसौर निवासी सुरेश पिता प्रेम बातम तथा युसूफ खां पिता सलीम खां निवासी कनघट्टी डेम पर चौकीदारी का कार्य कर रहे हैं। दोनों ने पिपलियामंडी, मल्हारगढ़ थाना सहित जिला पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि डेम का लीज पट्टा समिति के पास होने के बावजूद आसपास के कुछ गांवों के लोग अवैध रूप से जाल डालकर मछलियां पकड़ रहे हैं। चौकीदारों का आरोप है कि जब वे अवैध रूप से लगाए गए जाल हटाने या लोगों को रोकने का प्रयास करते हैं तो संबंधित लोग उनके साथ गाली-गलौज करते हैं, पत्थरबाजी करते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं। इससे डेम पर तैनात कर्मचारियों में भय का माहौल बना हुआ है।

मत्स्य ठेकेदार सुरेश ने बताया कि इस अवैध मत्स्याखेट में लीलाबाई, राधेश्याम, रामेश्वर, राजू बावरी सहित अन्य लोग शामिल हैं। ये लोग कई बार समिति के सदस्यों और चौकीदारों के साथ विवाद कर चुके हैं और धमकियां भी दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि मछली चोरी की घटनाओं को लेकर पिपलियामंडी, मल्हारगढ़ और जीरन थाने में कई बार शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। करीब तीन माह पहले जीरन थाने में चौकीदार अर्जुन पिता रामचन्द्रनाथ निवासी अमरपुरा की रिपोर्ट पर लीलाबाई बावरी, रामेश्वर बावरी, जसवंत बावरी, भेरू बावरी और पप्पू बावरी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। इसके बावजूद अवैध मत्स्याखेट का सिलसिला जारी है।

समिति के सदस्यों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो कभी भी बड़ा विवाद या अप्रिय घटना हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से डेम क्षेत्र में नियमित गश्त और कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि समिति के अधिकार सुरक्षित रह सकें और क्षेत्र में शांति बनी रहे।

जांच के बाद होगी कार्रवाई

इस संबंध में पिपलियामंडी थाना प्रभारी विक्रमसिंह इवने का कहना है कि मामले में आवेदन प्राप्त हुआ है और पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं मल्हारगढ़ थाना प्रभारी से संपर्क नहीं हो सका।