NEWS: पत्रकारों के हक की आवाज सीएम तक पहुंची, 10% कोटा से लेकर सुरक्षा कानून तक उठीं मांगें, पढ़े खबर
नीमच। अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों के साथ ही जमीनी स्तर पर लगातार सक्रिय रहकर समाचार संकलन करने वाले गैर-अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों के हितों और सुरक्षा को लेकर जिला युवा प्रेस क्लब नीमच ने आवाज बुलंद की है। सीएसवी अग्रोहा भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में जिला युवा प्रेस क्लब के अध्यक्ष राकेश मालवीय एवं कार्यकारिणी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष श्रीमती वंदना खंडेलवाल के नेतृत्व तथा नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार एवं मनासा विधायक माधव मारू की उपस्थिति में मुख्यमंत्री को सौंपा गया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मैदानी पत्रकारों से जुड़ी मांगों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक शासकीय कार्रवाई का आश्वासन दिया। ज्ञापन लेते समय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं विधायक माधव मारू के साथ प्रतिनिधिमंडल ने फोटो भी खिंचवाया।

कॉलोनी में 10 प्रतिशत पत्रकार कोटा रखने की मांग
प्रेस क्लब ने ज्ञापन में कहा कि लोकतंत्र में अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों के साथ ही गैर-अधिमान्यता प्राप्त मैदानी पत्रकार भी लगातार अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में शासन की पत्रकार कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दोनों वर्गों को समान रूप से मिलना चाहिए।
प्रमुख मांग के रूप में प्रत्येक शासकीय एवं गृह निर्माण समिति (सोसायटी) द्वारा विकसित की जाने वाली कॉलोनियों में 10 प्रतिशत भूखंड अथवा आवास अधिमान्यता प्राप्त एवं मैदानी गैर-अधिमान्यता प्राप्त आवासहीन पत्रकारों के लिए आरक्षित करने की मांग रखी गई।
प्रेस क्लब ने यह भी बताया कि नीमच नगर पालिका द्वारा पूर्व में पत्रकार कॉलोनी के संबंध में प्रस्ताव पारित किया जा चुका है, लेकिन वर्षों बाद भी उसके तहत पत्रकारों को लाभ नहीं मिल पाया है। इस प्रस्ताव की कार्रवाई को आगे बढ़ाने की मांग भी ज्ञापन में की गई।

बीमा प्रीमियम समान करने की मांग
पत्रकार बीमा योजना में अधिमान्यता प्राप्त और मैदानी स्तर पर कार्यरत गैर-अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए प्रीमियम की दरें समान रखने की मांग की गई। प्रेस क्लब का कहना है कि इससे छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले पत्रकार भी बीमा सुरक्षा का लाभ ले सकेंगे।

पीएम आवास में मैदानी पत्रकारों को प्राथमिकता
जिन जिला एवं ग्रामीण स्तर के मैदानी पत्रकारों के पास स्वयं का मकान नहीं है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राथमिकता से आवास उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
इसके साथ ही चुनाव पूर्व की गई पत्रकार कल्याण संबंधी घोषणाओं को लागू करने की मांग करते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, वरिष्ठ पत्रकार सम्मान निधि, स्वास्थ्य सहायता तथा 30 लाख रुपए तक के आवास ऋण पर ब्याज अनुदान का लाभ मैदानी पत्रकारों तक पहुंचाने की मांग रखी गई।

लैपटॉप, कैमरा और वाहन के लिए सब्सिडी की मांग
मैदानी पत्रकारिता में लगातार बढ़ती तकनीकी जरूरतों को देखते हुए प्रेस क्लब ने लैपटॉप, कैमरा, वाहन और अन्य आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए पत्रकारों को विशेष शासकीय अनुदान अथवा सब्सिडी योजना शुरू करने की मांग की।
जनसंपर्क कार्यालयों के बजट की जांच की मांग
ज्ञापन में पिछले 10 वर्षों के दौरान जिला जनसंपर्क कार्यालयों को प्राप्त बजट तथा उसके उपयोग की जांच कराने की मांग भी शामिल रही। प्रेस क्लब ने कहा कि इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि पत्रकार हित में जारी बजट का कितना लाभ वास्तव में मैदानी पत्रकारों तक पहुंचा।

बड़ी संख्या में पत्रकार रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला युवा प्रेस क्लब अध्यक्ष राकेश मालवीय के नेतृत्व में उपाध्यक्ष अब्दुल अली ईरानी, सचिव विजितराव महाडिक, उपाध्यक्ष मनीष बागड़ी, सहसचिव प्रथम सिंह डोडिया, कोषाध्यक्ष आनंद अहिरवार सहित कार्यकारिणी सदस्य गोपाल मेहरा, पंकज मेनारिया, पूर्व जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष हरिश अहीर, विष्णु परिहार, विश्वदेव बबलू शर्मा, पवन शर्मा, संजय यादव, महेंद्र उपाध्याय, महेश जैन, जोगिंदर सिंह सलूजा, तरलीन सलूजा, मनीष कौशल, भारत सोलंकी, धीरज नायक, पवन राव शिंदे, शुभम नायक, हेमंत मेहरा, तबरेज अगवान, रामेश्वर नागदा, मनीष नायक, भावेश मारू, विनोद गुर्जर, देव खताबिया, मुस्ताक अली शाह, आसिफ खान, राजा कुरैशी सहित जिले के वरिष्ठ एवं मैदानी पत्रकार मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग के लिए जिला युवा प्रेस क्लब ने आभार जताया।