NEWS: “किसान का बेटा कहने वाली सरकार बेनकाब – ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विनोद दक का हमला, सैटेलाइट बना मज़ाक, सिस्टम की मार से किसान बेहाल, पढ़े खबर
“पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनोद दक बोले: डबल इंजन सरकार की न नीति ठीक, न नीयत… खेत में फसल, पोर्टल में ‘शून्य’!”
जीरन। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विनोद दक ने डबल इंजन भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मंचों से खुद को किसान हितैषी बताती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट है।दक के मुताबिक, आज किसान तकनीकी खामियों, प्रशासनिक लेटलतीफी और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी के कारण परेशान है। ई-उपार्जन पोर्टल पर सैटेलाइट सत्यापन की प्रक्रिया किसानों के लिए बड़ी बाधा बन गई है।

“खेत में फसल, सिस्टम में नहीं”
उन्होंने बताया कि खेतों में गेहूं की फसल तैयार है, लेकिन सैटेलाइट सत्यापन नहीं होने से किसान पोर्टल पर स्लॉट बुकिंग नहीं कर पा रहे। “जहां किसान को मदद मिलनी चाहिए, वहां सिस्टम फेल है,” दक ने कहा।

पराली पर सख्ती, फसल पर लापरवाही
दक ने आरोप लगाया कि यही सैटेलाइट पराली जलाने के मामलों में तुरंत सक्रिय हो जाता है, लेकिन फसल सत्यापन में नाकाम रहता है। “यह तकनीक नहीं, किसानों को परेशान करने की साजिश लगती है,” उन्होंने तंज कसा।

कर्ज चुकाओ या बर्बाद हो जाओ
सरकार द्वारा 30 मार्च तक कर्ज चुकाने की समयसीमा तय की गई, लेकिन पोर्टल की खामियों के कारण किसान फसल बेच नहीं पाए।हजारों किसान ‘जीरो प्रतिशत ब्याज’ योजना से वंचित मजबूरी में साहूकारों से कर्ज लेकर बैंक भुगतान मुआवजा और बीमा भी अधूरा बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलें खराब हुईं, लेकिन किसानों को न मुआवजा मिला और न बीमा राशि।

नेताओं की चुप्पी पर सवाल
दक ने कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता अब गायब हैं, जबकि किसान अपनी फसल बेचने के लिए दर-दर भटक रहा है।

सरकार को चेतावनी
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो किसानों का आक्रोश आने वाले समय में बड़ा आंदोलन बन सकता है। “सरकार के लिए किसान अब सिर्फ वोट बैंक बनकर रह गया है,” दक ने कहा।