NEWS: नाबालिगों की शादी कराना अपराध,नीमच में बाल विवाह रोकथाम की कार्यशाला हुई आयोजित,लापरवाही पर सख्त चेतावनी,पढ़े खबर

NEWS: नाबालिगों की शादी कराना अपराध,नीमच में बाल विवाह रोकथाम की कार्यशाला हुई आयोजित,लापरवाही पर सख्त चेतावनी,पढ़े खबर

नीमच | महिला एवं बाल विकास परियोजना, नीमच ग्रामीण द्वारा बाल विवाह रोकथाम के लिए चलाए जा रहे 100 दिवसीय अभियान के तहत बुधवार को जनपद पंचायत नीमच के सभाकक्ष में प्रशिक्षण कार्यशाला सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कार्यशाला दो सत्रों में हुई, जिसमें बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में जनपद पंचायत की महिला एवं बाल विकास समिति के सभापति रतनलाल मालावत विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम है। केंद्रों का संचालन तय समय पर हो और अभिलेख अद्यतन रहें, यह सुनिश्चित किया जाए।

18 साल से कम की बेटी और 21 साल से कम के बेटे की शादी अपराध

परियोजना अधिकारी श्री अंसारी ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका या 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह कराना दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह से कम उम्र में गर्भधारण, मातृ-शिशु मृत्यु दर में वृद्धि, पढ़ाई छूटना, कुपोषण और घरेलू हिंसा जैसी समस्याएं बढ़ती हैं।

आंगनवाड़ी कार्यों की समीक्षा, कमजोर प्रदर्शन पर सुधार के निर्देश

बैठक में लाड़ली बालिकाओं के सत्यापन, आभा आईडी, अपार आईडी, पोषण ट्रैकर, आंगनवाड़ी केंद्र संचालन और अभिलेख संधारण की विस्तृत समीक्षा की गई। जिन कार्यकर्ताओं का कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया, उन्हें सुधार के निर्देश दिए गए। बेहतर कार्य करने वालों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित करने की बात भी कही गई।

सुपरवाइजर सपना बैरागी, सारिका केदार, नाजिमा बी, उमा शर्मा, वंदना गुर्जेला, रिहाना खान, पिंकी भाटिया और इंदु सोनी ने विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया। ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर पंकज राठौर ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए ऑनलाइन एंट्री समय पर करने का प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह उन्मूलन के साथ विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देना रहा।