BREAKING NEWS: जीरन CHC में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा घोटाला! बिना यूरिन जांच किए मरीज को थमा दी फाइनल रिपोर्ट, कैमरे में कैद हुआ अस्पताल का ‘फर्जीवाड़ा’, पढ़े खबर

BREAKING NEWS: जीरन CHC में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा घोटाला! बिना यूरिन जांच किए मरीज को थमा दी फाइनल रिपोर्ट, कैमरे में कैद हुआ अस्पताल का ‘फर्जीवाड़ा’, पढ़े खबर

जीरन। नीमच जिले के जीरन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही और कथित फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मरीजों की जांच सिर्फ कागजों में किए जाने का आरोप लगा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बिना यूरिन सैंपल की जांच किए ही मरीज को फाइनल रिपोर्ट थमा दी गई और पूरा घटनाक्रम मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार पालसोड़ा निवासी अनिल राठौर अपनी पत्नी का इलाज कराने जीरन CHC पहुंचे थे। चिकित्सक द्वारा ब्लड और यूरिन टेस्ट लिखे जाने के बाद वे अस्पताल की लैब पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि करीब एक घंटे तक इंतजार कराने के बाद लैब स्टाफ ने बिना किसी प्रक्रिया के सीधे रिपोर्ट तैयार कर दी। आरोप है कि यूरिन सैंपल में जांच स्ट्रिप तक नहीं डाली गई और अंदर बैठे-बैठे ही रिपोर्ट बनाकर मरीज के परिजन को सौंप दी गई।

बताया जा रहा है कि अनिल राठौर को पहले से ही कुछ गड़बड़ी की आशंका थी। इसी कारण उन्होंने मोबाइल कैमरा ऑन कर पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। वीडियो में कथित तौर पर लैब स्टाफ बिना जांच प्रक्रिया अपनाए रिपोर्ट तैयार करते दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही मरीज पक्ष ने सवाल उठाए, वहां मौजूद कर्मचारियों के चेहरे उतर गए और वे जवाब देने से बचते नजर आए।

इस पूरे मामले ने सरकारी अस्पतालों की कार्यशैली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गलत रिपोर्ट के आधार पर किसी मरीज को गलत दवा दे दी जाती और कोई गंभीर हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? लोगों का आरोप है कि अस्पताल में मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारी केवल जांच का आश्वासन देकर मामले दबाने में जुट जाते हैं।

मामले को लेकर जब ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. विजय भारती से चर्चा की गई, तो उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आया है और जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जीरन CHC में अव्यवस्थाओं और लापरवाही की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन आज तक किसी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई।

घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कैमरे में कैद इस कथित फर्जीवाड़े के बाद क्या जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।

जनता पूछ रही है सवाल —

क्या सरकारी अस्पतालों में मरीजों की जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है?

बिना जांच रिपोर्ट देने वाले कर्मचारियों पर क्या होगी कार्रवाई?

क्या स्वास्थ्य विभाग सिर्फ जांच का भरोसा देकर मामले दबाने में लगा है?

मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर कब होगी सख्त कार्रवाई?

अब पूरे मामले पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।