NEWS: नीमच बनेगा हॉकी का इंटरनेशनल हब, 6.95 करोड़ की सौगात से धनेरिया कलां में एस्ट्रोटर्फ मैदान,अब छोटे शहर से निकलेंगे बड़े खिलाड़ी ,विधायक दिलीप सिंह परिहार की अहम भूमिका ,पढ़े खबर

NEWS: नीमच बनेगा हॉकी का इंटरनेशनल हब, 6.95 करोड़ की सौगात से धनेरिया कलां में एस्ट्रोटर्फ मैदान,अब छोटे शहर से निकलेंगे बड़े खिलाड़ी ,विधायक दिलीप सिंह परिहार की अहम भूमिका ,पढ़े खबर

नीमच। खेल परिदृश्य में ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। जिले के धनेरिया कलां में जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय मानकों वाला हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान तैयार किया जाएगा, जिसकी कुल लागत ₹6 करोड़ 95 लाख निर्धारित की गई है। यह परियोजना न सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि नीमच को प्रदेश के प्रमुख खेल केंद्रों की श्रेणी में भी ला खड़ा करेगी।

इस महत्वाकांक्षी योजना को साकार करने में स्थानीय विधायक दिलीप सिंह परिहार की अहम भूमिका रही है। उन्होंने लगातार इस मुद्दे को उठाया और विधानसभा में भी जोरदार तरीके से अपनी बात रखी। उनके प्रयासों का परिणाम है कि खेल मंत्री विश्वास सारंग ने इस परियोजना के लिए आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की। इस अवसर पर विधायक ने मुख्यमंत्री मोहन यादव का भी आभार व्यक्त किया।

नीमच अंचल में हॉकी और फुटबॉल दोनों की मजबूत परंपरा रही है, लेकिन आधुनिक सुविधाओं की कमी हमेशा खिलाड़ियों के रास्ते में बाधा बनती रही। खासकर एस्ट्रोटर्फ मैदान के अभाव में खिलाड़ियों को बड़े शहरों में जाकर अभ्यास करना पड़ता था, जिससे कई प्रतिभाएं संसाधनों की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाती थीं। प्राकृतिक घास और एस्ट्रोटर्फ पर खेलने की तकनीक में बड़ा अंतर होता है, और इसी अंतर के कारण स्थानीय खिलाड़ी अक्सर प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाते थे। अब इस नई सौगात के साथ हालात पूरी तरह बदलने वाले हैं। धनेरिया कलां में बनने वाला यह एस्ट्रोटर्फ मैदान खिलाड़ियों को इंटरनेशनल लेवल की ट्रेनिंग और अभ्यास सुविधा उपलब्ध कराएगा। इससे न केवल उनकी तकनीकी दक्षता बढ़ेगी, बल्कि वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।

इस परियोजना के लिए भूमि पहले ही आरक्षित की जा चुकी थी, और अब बजट स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। जैसे ही काम शुरू होगा, जिले में खेल गतिविधियों को एक नई गति मिलेगी। घोषणा के बाद पूरे नीमच में उत्साह का माहौल है। खिलाड़ी, कोच और खेल प्रेमी इसे जिले के भविष्य के लिए एक बड़ा कदम मान रहे हैं। यह मैदान आने वाले वर्षों में न सिर्फ प्रतिभाओं को निखारेगा, बल्कि नीमच को खेल के नक्शे पर एक मजबूत पहचान भी दिलाएगा। अब वह समय दूर नहीं जब नीमच की धरती से निकलकर खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराते नजर आएंगे। यह एस्ट्रोटर्फ मैदान सिर्फ एक निर्माण नहीं, बल्कि हजारों सपनों की उड़ान का मजबूत आधार बनने जा रहा है। इसका उदेशय स्थानीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधा देना।