Navratri Special: “आस्था का ऐसा ज्वार कि पत्थर भी बन गए फूल, नुकीले रास्तों पर थिरके हजारों कदम, भगोरिया की गूंज से झूमा चीताखेड़ा; 151 फीट चुनरी बनी आकर्षण, मुस्लिम भाई बने मां के रथ के सारथी, मेले में उमड़ा जनसैलाब,पढ़ें खबर

Navratri Special: “आस्था का ऐसा ज्वार कि पत्थर भी बन गए फूल, नुकीले रास्तों पर थिरके हजारों कदम, भगोरिया की गूंज से झूमा चीताखेड़ा; 151 फीट चुनरी बनी आकर्षण, मुस्लिम भाई बने मां के रथ के सारथी, मेले में उमड़ा जनसैलाब,पढ़ें खबर

चीताखेड़ा |चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर चीताखेड़ा में आस्था, संस्कृति और भाईचारे का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा पर स्थित प्रसिद्ध आरोग्य देवी महामाया आवरी माता मंदिर में घटस्थापना के साथ नौ दिवसीय भव्य मेला महोत्सव का शुभारंभ हुआ। सुबह की पहली किरण के साथ ही “जय माता दी” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और माहौल भक्तिमय हो गया।

मां आवरी माताजी विशेष रथ में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलीं, जहां हर गली और हर द्वार पर श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर भव्य स्वागत किया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु निर्माणाधीन सड़क के नुकीले पत्थरों की परवाह किए बिना नाचते-गाते हुए माता के दरबार तक पहुंचे। यह दृश्य इस बात का प्रतीक बना कि सच्ची आस्था के आगे हर कठिनाई छोटी पड़ जाती है।

मेले का सबसे खास आकर्षण अलीराजपुर से आई भगोरिया नृत्य टीम रही। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने “काका बाबा ना पोरिया…” और “तारो रातेलो रुमाल…” जैसे लोकगीतों पर शानदार प्रस्तुति दी, जिसने पूरे माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। दर्शक इस रंगारंग प्रस्तुति को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए।

इस आयोजन में भाईचारे की अनूठी मिसाल भी देखने को मिली, जब मुस्लिम समाज के कादर भाई ने मां के रथ की सारथी बनकर सामाजिक एकता और सौहार्द का संदेश दिया। यह दृश्य लोगों के लिए भावुक और प्रेरणादायक रहा।

सुबह 9:30 बजे बजरंग मंदिर से निकली भव्य चुनरी यात्रा में 151 फीट लंबी चुनरी आकर्षण का केंद्र बनी रही। पूरे रास्ते श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर माता का स्वागत किया और भक्ति में लीन नजर आए।

अभिजीत मुहूर्त में पंडित शिव शंकर शर्मा द्वारा विधि-विधान से घटस्थापना की गई। आगामी नौ दिनों तक मंदिर में अखंड जाप, हवन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।

मेला परिसर में झूले-चकरी और खान-पान की दुकानों पर भी भारी भीड़ उमड़ी। युवाओं और बच्चों ने चाट, पाव भाजी और गन्ने के रस का आनंद लिया। वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह ठंडे पेय, रसना और जल सेवा की व्यवस्था की गई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह सिसौदिया अपनी टीम के साथ मुस्तैद नजर आए और पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।