BREAKING NEWS: नीमच के अनिल कुमार जैन को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक, आधिकारिक रूप से संभाला पदभार, पढ़े खबर

BREAKING NEWS: नीमच के अनिल कुमार जैन को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक, आधिकारिक रूप से संभाला पदभार, पढ़े खबर

नीमच। भारतीय रेलवे को एक अनुभवी, अनुशासित और दूरदर्शी नेतृत्व मिला है। नीमच निवासी श्री अनिल कुमार जैन ने दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (General Manager) पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके इस महत्वपूर्ण पदभार ग्रहण करने से नीमच सहित पूरे क्षेत्र में गर्व और हर्ष का माहौल है। श्री जैन भारतीय रेलवे विद्युत सेवा (IRSEE) के 1990 बैच के वरिष्ठ अधिकारी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रामपुरा से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने उज्जैन से बी.टेक (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) तथा आईआईटी दिल्ली से एम.टेक (स्वर्ण पदक) की उपाधि हासिल की।

उनका पारिवारिक संबंध भी नीमच से गहराई से जुड़ा हुआ है। उनके पिता श्री रमेश चंद्र जैन (सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर) एवं माता श्रीमती पवन कुमारी जैन नीमच के निवासी हैं। उनके भाई श्री मनोज जैन ADEO के पद पर कार्यरत हैं। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती विभु जैन पिपलियामंडी की निवासी हैं। श्री जैन अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवारजनों और अपने गुरुजनों, विशेष रूप से श्री अरविंद नक्कड़ को देते हैं, जिन्होंने उनके छात्र जीवन में मार्गदर्शन किया।

अपने उत्कृष्ट और बहुआयामी सेवाकाल में श्री जैन ने भारतीय रेलवे के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने दक्षिण रेलवे में लगभग 10 वर्षों तक सहायक विद्युत अभियंता, मंडल विद्युत अभियंता तथा उपमुख्य विद्युत अभियंता (मुख्यालय) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने पश्चिम मध्य रेलवे में लगभग साढ़े पांच वर्षों तक उप महाप्रबंधक एवं महाप्रबंधक के सचिव के रूप में सेवाएं दीं। उत्तर पश्चिम रेलवे में भी उन्होंने लगभग ढाई वर्षों तक विद्युतीकरण कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। DFCCIL, जयपुर में लगभग पांच वर्षों तक कार्य करते हुए उन्होंने कई बड़े प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया। साथ ही RITES तथा गुजरात मेट्रो, अहमदाबाद में भी उन्होंने अपनी सेवाएं प्रदान कीं।

श्री जैन ने विद्युतिकरण एवं इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। दक्षिण रेलवे में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारतीय रेलवे में पहली बार चेन्नई में रेलवे स्टाफ के लिए पेजर सुविधा उपलब्ध करवाई, जो उस समय एक अभिनव पहल मानी गई। उन्होंने लोको शेड, इलेक्ट्रिक लोको शेड निर्माण, रेलवे इंजनों की विश्वसनीयता बढ़ाने तथा मटेरियल मैनेजमेंट में भी व्यापक अनुभव प्राप्त किया है। उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें चेन्नई और जबलपुर में दो बार महाप्रबंधक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। विशेष उल्लेखनीय है कि उन्होंने पश्चिम रेलवे के राजकोट मंडल में मंडल रेल प्रबंधक (DRM) के रूप में भी लगभग दो वर्षों तक उत्कृष्ट सेवाएं दीं, जहां उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी श्री जैन ने अपनी दक्षता का परिचय दिया है। उन्होंने जापान में रेलवे के क्षेत्र में भारी माल लोडिंग प्रणाली तथा दक्षिण कोरिया में गुजरात मेट्रो रोलिंग स्टॉक के डिजाइन निरीक्षण से संबंधित विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

नीमच के लिए यह गर्व का क्षण है—अनिल जैन की इस उपलब्धि से न सिर्फ शहर का नाम रोशन हुआ है, बल्कि भारतीय रेलवे को भी एक मजबूत और विजनरी नेतृत्व मिला है। अब रेलवे में विकास और रफ्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।