BIG NEWS : सीमांकन में सब कुछ साफ, फिर भी जारी बवाल,नागदा के पूर्व विधायक पर मानसिक प्रताड़ना,दबाव की राजनीति और छवि बिगाड़ने की साजिश के लगे आरोप,पढ़े बबलू यादव की ये खबर

BIG NEWS : सीमांकन में सब कुछ साफ, फिर भी जारी बवाल,नागदा के पूर्व विधायक पर मानसिक प्रताड़ना,दबाव की राजनीति और छवि बिगाड़ने की साजिश के लगे आरोप,पढ़े बबलू यादव की ये खबर

नागदा। जूना नागदा खाचरोद बायपास रोड से लगी भूमि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आवेदक गोवर्धन लाल जटिया ने दावा किया है कि उनकी जमीन का प्रशासन द्वारा दो बार सीमांकन किया गया और दोनों ही बार भूमि पूरी तरह सही पाई गई, इसके बावजूद उनके निर्माण कार्य को रुकवाया गया और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।

जटिया के अनुसार, उन्होंने 16 फरवरी 2026 को अपनी भूमि (सर्वे क्रमांक 388/3/1, 388/3/3, 388/5/3 व 388/6/3) के सीमांकन के लिए तहसीलदार नागदा के समक्ष आवेदन दिया था। इसके बाद 27 फरवरी को पटवारी और गिरदावर द्वारा मौके पर सीमांकन किया गया और चिन्हांकन भी कर दिया गया। लेकिन 1 मार्च को निर्माण कार्य के दौरान भाजपा के पूर्व विधायक दिलीप सिंह शेखावत, पूर्व पार्षद विजय पोरवाल सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे और पश्चिम दिशा में बाउंड्री निर्माण रुकवा दिया। उनका कहना था कि भूमि उनकी है और दोबारा नपती कराई जाएगी। इस पर आवेदक ने सहमति जताते हुए काम रोक दिया। इसके बाद 13 मार्च को दोबारा सीमांकन हुआ, जिसमें सभी पक्षों की मौजूदगी में जमीन फिर से सही पाई गई।

सीमांकन के कागज छीने गए, वीडियो होने का दावा

आवेदक का आरोप है कि सीमांकन के दौरान एक व्यक्ति ने गिरदावर और पटवारी से दस्तावेज छीन लिए और मौके से चला गया। हालांकि करीब आधे घंटे बाद दस्तावेज वापस लौटा दिए गए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो फुटेज उनके पास होने का दावा किया गया है।

बिना नपती के पोल गाड़े, अखबारों में भ्रामक खबरें

जटिया ने आरोप लगाया कि 18 मार्च को बिना किसी नपती के नाले की ओर सीमेंट के पोल लगवा दिए गए। इसके बाद 19 और 20 मार्च को कुछ दैनिक समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित हुईं, जिनमें उन्हें कब्जा करने वाला बताया गया और पूर्व विधायक की 12,000 वर्गफीट जमीन होने का दावा किया गया।

झूठी खबरों से छवि खराब करने की साजिश, जनसुनवाई में भी गुहार

आवेदक ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि उनके पास सभी वैध दस्तावेज हैं और उन्होंने किसी की जमीन पर कब्जा नहीं किया है। उन्होंने संबंधित समाचार पत्रों से तथ्य जांच कर सही खबर प्रकाशित करने की अपील की है।

साथ ही आरोप लगाया कि झूठी खबरों के जरिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व विधायक द्वारा फोन पर उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया। इस पूरे मामले को लेकर आवेदक ने मंगलवार को जनसुनवाई में भी आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।