BREAKING NEWS: नीमच में आशा कार्यकर्ताओं का बड़ा प्रदर्शन... समय पर वेतन, ₹1000 वार्षिक वेतन वृद्धि समेत 18 सूत्रीय मांगों को लेकर निकाली रैली, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, पढ़े खबर
नीमच, 6 जुलाई। प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत सोमवार को जिले की आशा एवं आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन (सीटू) के बैनर तले सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों ने समय पर वेतन भुगतान, वार्षिक वेतन वृद्धि सहित 18 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। हनुमान मंदिर परिसर में बैठक के बाद रैली निकालते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक के नाम डिप्टी कलेक्टर चंद्र सिंह धारवे को ज्ञापन सौंपा।

यूनियन की जिला अध्यक्ष कृष्णा कांटे, महासचिव रेखा व्यास और उपाध्यक्ष कांता अहीर ने बताया कि आशा एवं आशा पर्यवेक्षक पिछले लगभग 20 वर्षों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने, टीकाकरण, स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन और विभिन्न सरकारी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है और कई-कई महीनों तक भुगतान लंबित रखा जाता है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि वेतन भुगतान में गंभीर अनियमितताएं हैं। कई बार तीन-चार महीने तक भुगतान रोक दिया जाता है और बाद में आंशिक राशि देकर पूरा भुगतान होने की बात कह दी जाती है। साथ ही भुगतान और बकाया राशि का कोई स्पष्ट विवरण भी उपलब्ध नहीं कराया जाता।

आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि वर्तमान में उन्हें मात्र 6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जबकि देश के कई राज्यों में आशाओं को 10 हजार रुपये या उससे अधिक का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने वर्ष 2023 में घोषित ₹1000 वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ तत्काल लागू करने, समय पर नियमित वेतन भुगतान, सवेतन साप्ताहिक अवकाश, अतिरिक्त यात्रा भत्ता तथा अन्य लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि विभागीय कार्यों के अलावा गैर-विभागीय कार्यों का दबाव बनाया जाता है। आयुष्मान कार्ड बनवाने जैसे कार्यों में कई आशा कार्यकर्ताओं को अपने निजी खर्च से कंप्यूटर ऑपरेटरों की सहायता लेनी पड़ी, जो उनके लिए आर्थिक बोझ बन गया है।

इस दौरान सीटू के प्रदेश सचिव शैलेंद्र सिंह ठाकुर, जिला महासचिव सुनील शर्मा सहित मनासा, जावद, नीमच और पालसोड़ा ब्लॉक की सैकड़ों आशा कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक मौजूद रहीं। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।