BIG NEWS: देशभक्ति के तरानों के बीच मैदान बचाने की हुंकार, 10वें दिन भी नहीं थमा आंदोलन, पढ़े खबर

मुफद्दल टाइगर्स ने संभाला आंदोलन का मोर्चा, मूर्तजा डेरकी की अगुआई में खिलाड़ियों ने दोहराया संकल्प—‘हायर सेकेंडरी का मैदान, मैदान ही रहने दो’

BIG NEWS: देशभक्ति के तरानों के बीच मैदान बचाने की हुंकार, 10वें दिन भी नहीं थमा आंदोलन, पढ़े खबर

नीमच। हायर सेकेंडरी स्कूल के खेल मैदान को बचाने की मांग को लेकर नीमच में शुरू हुआ आंदोलन अब लगातार जोर पकड़ता जा रहा है। बुधवार को धरना दसवें दिन भी जारी रहा। दसवें दिन मैदान बचाओ समिति के आंदोलन में मुफद्दल टाइगर्स क्रिकेट क्लब ने मोर्चा संभाला। मूर्तजा डेरकी की अगुआई में पहुंचे खिलाड़ियों ने मैदान को सुरक्षित रखने की मांग को लेकर जोरदार आवाज उठाई।

धरना स्थल पर बुधवार को आंदोलन का नजारा कुछ अलग ही दिखाई दिया। देशभक्ति के गीतों से माहौल गूंज उठा और उसी बीच खिलाड़ियों ने मैदान बचाने का संकल्प दोहराया। ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ और ‘वंदे मातरम्’ जैसे गीतों के बीच खिलाड़ियों और मौजूद लोगों ने एकजुट होकर मैदान को बचाने की आवाज बुलंद की।

‘यह सिर्फ क्रिकेट का मैदान नहीं, पूरे नीमच की धड़कन है

मूर्तजा डेरकी ने कहा कि हायर सेकेंडरी का मैदान किसी एक खेल, क्लब या खिलाड़ी का नहीं है। यह वर्षों से शहरवासियों के जीवन का हिस्सा रहा है। सुबह की सैर से लेकर खेल गतिविधियों तक, शहर के अलग-अलग वर्ग इस खुले मैदान से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों से लेकर युवाओं और महिलाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग इस मैदान का उपयोग करता है। ऐसे समय में जब शहर में लगातार निर्माण बढ़ रहा है और खुले स्थान कम होते जा रहे हैं, इतने बड़े मैदान का महत्व और बढ़ जाता है।

डेरकी ने कहा कि मैदान को बचाने की लड़ाई सिर्फ खेल की लड़ाई नहीं है। यह शहर के खुले वातावरण, स्वास्थ्य, खेल संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है।

‘आज आवाज नहीं उठाई तो कल आने वाली पीढ़ी पूछेगी—चुप क्यों थे?’

डेरकी ने कहा कि आज यदि शहर ने अपने इस महत्वपूर्ण खुले मैदान को बचाने के लिए आवाज नहीं उठाई तो आने वाली पीढ़ियां सवाल करेंगी कि जब मैदान बचाने का अवसर था, तब शहर के लोग चुप क्यों रहे।

उन्होंने कहा कि मैदान एक बार खत्म हो गया तो उसे वापस हासिल करना आसान नहीं होगा। इसलिए समय रहते इसके संरक्षण के लिए आवाज उठाना जरूरी है।

देशभक्ति के गीतों के बीच खिलाड़ियों का एक सुर—‘मैदान बचाओ’

धरने में शामिल खिलाड़ियों ने कहा कि खेल मैदान सिर्फ क्रिकेट खेलने की जगह नहीं है। यह बच्चों और युवाओं को खेल से जोड़ने के साथ उन्हें स्वस्थ रखने का माध्यम भी है। खुले मैदान शहर की जीवनशैली और पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

खिलाड़ियों ने कहा कि ‘मैदान रहेगा तो खेल रहेगा, खेल रहेगा तो युवा स्वस्थ रहेंगे।’ इसी भावना के साथ उन्होंने आंदोलन को समर्थन देने की बात कही।

धरने में अब्बास चोपड़ा, राहुल शर्मा, शाहरुख खान, अशरफ कुरैशी, शब्बीर खेड़ीवाला, सुमित लामा, विनोद खोरवाल, मोहम्मद शक्करवाला, अब्बास हकीमजी, अजीज राणा, विक्रम अंब, फरदीन खान, हुजैफा अरविवाला और मोहसिन कुरैशी सहित क्लब के खिलाड़ी मौजूद रहे।

10 दिन से लगातार धरना, बारिश-त्योहार भी नहीं तोड़ पाए हौसला

हायर सेकेंडरी मैदान को बचाने के लिए मैदान बचाओ समिति का धरना बुधवार को दसवें दिन में पहुंच गया। आंदोलन के दौरान अलग-अलग दिनों में शहर की विभिन्न क्रिकेट और फुटबॉल टीमों ने धरने की जिम्मेदारी संभाली है। समिति के अनुसार, बारिश हो या त्योहार, मैदान बचाने की मुहिम लगातार जारी रही।

समिति की मुख्य मांग है कि हायर सेकेंडरी स्कूल के इस बड़े खेल मैदान को मैदान के रूप में ही सुरक्षित रखा जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि मैदान खिलाड़ियों के साथ-साथ आम शहरवासियों के लिए भी महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान है।

दसवें दिन देशभक्ति के गीतों से गूंजते धरना स्थल से खिलाड़ियों ने साफ संदेश दिया—यह लड़ाई सिर्फ एक मैदान की नहीं, नीमच की आने वाली पीढ़ियों के लिए खुले और स्वस्थ शहर को बचाने की लड़ाई है।