BREAKING NEWS: “जीरन में ‘स्वागत बोर्ड’ से सियासी तूफान!”, सांसद सुधीर गुप्ता और विधायक दिलीप सिंह परिहार के फोटो गायब, नगर परिषद पर ‘राजनीतिक संकीर्णता’ के आरोप,कार्यशैली पर उठे सवाल,पढ़े खबर 

BREAKING NEWS: “जीरन में ‘स्वागत बोर्ड’ से सियासी तूफान!”, सांसद सुधीर गुप्ता और विधायक दिलीप सिंह परिहार के फोटो गायब, नगर परिषद पर ‘राजनीतिक संकीर्णता’ के आरोप,कार्यशैली पर उठे सवाल,पढ़े खबर 

जीरन। नगर परिषद जीरन द्वारा सामुदायिक भवन में लगाए गए एक स्वागत बोर्ड को लेकर क्षेत्र की राजनीति अचानक गरमा गई है। बोर्ड पर क्षेत्रीय सांसद सुधीर गुप्ता और विधायक दिलीप सिंह परिहार के फोटो और नाम नहीं होने से राजनीतिक गलियारों में तीखी चर्चा शुरू हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या नगर परिषद सरकारी प्रोटोकॉल और राजनीतिक शिष्टाचार को भूल गई है।

बताया जा रहा है कि नगर परिषद द्वारा लगाए गए स्वागत बैनर में भाजपा समर्थित इन दोनों प्रमुख जनप्रतिनिधियों का जिक्र तक नहीं किया गया। इसे लेकर स्थानीय लोगों और राजनीतिक हलकों में इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों का कहना है कि यह कदम विकास की राजनीति पर “सियासी कालिख” पोतने जैसा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद में भले ही कांग्रेस का कब्जा हो, लेकिन सांसद और विधायक ने क्षेत्र के विकास में कभी पार्टी लाइन को आड़े नहीं आने दिया। दोनों जनप्रतिनिधियों की निधि से नगर में दो-दो डोम स्वीकृत किए गए हैं, वहीं प्रदेश सरकार द्वारा नगर अधोसंरचना योजना के तहत करोड़ों रुपये के सड़क निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है।

ऐसे में लोगों का सवाल है कि जिन जनप्रतिनिधियों के फंड से नगर में सड़कें बन रही हैं और सामुदायिक भवनों में निर्माण कार्य हो रहे हैं, उनके लिए स्वागत बोर्ड पर स्थान तक नहीं देना क्या उचित है?

प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि विकास कार्यों के लिए बजट लेते समय तो परिषद को सांसद और विधायक याद आते हैं, लेकिन जब सम्मान देने की बारी आती है तो राजनीतिक विचारधारा हावी हो जाती है।

इस पूरे मामले को लेकर जीरन में यह चर्चा भी तेज है कि क्या नगर परिषद विकास कार्यों के नाम पर केवल श्रेय की राजनीति करना चाहती है, या फिर यह केवल एक प्रशासनिक चूक है। फिलहाल इस स्वागत बोर्ड ने स्थानीय सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है।