BIG NEWS: 4 करोड़ की सड़क बनी ‘धूल का ढेर’! 9 महीने बाद भी आस्था की राह अधूरी, नवरात्र से पहले बढ़ी टेंशन,आवरी माताजी मंदिर तक पहुंचना बनी चुनौती, पढ़े पूरी खबर

BIG NEWS: 4 करोड़ की सड़क बनी ‘धूल का ढेर’! 9 महीने बाद भी आस्था की राह अधूरी, नवरात्र से पहले बढ़ी टेंशन,आवरी माताजी मंदिर तक पहुंचना बनी चुनौती, पढ़े पूरी खबर

चीताखेड़ा, 3 मार्च। विकास के नाम पर करोड़ों की लागत से शुरू हुई चीताखेड़ा–रंभावली मार्ग की 3.5 किलोमीटर सड़क आज भी अधूरी पड़ी है। करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह सड़क 9 महीने बाद भी पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी। हालात यह हैं कि जहां डामर की चिकनी सड़क होनी चाहिए थी, वहां गिट्टी, पत्थर और धूल का अंबार नजर आ रहा है।

नवरात्र से पहले बढ़ी टेंशन, आवरी माताजी मंदिर तक पहुंचना चुनौती

19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र में आवरी माताजी मंदिर पर हर साल की तरह विशाल मेला लगेगा। हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इस बार अधूरी सड़क श्रद्धालुओं की राह में बड़ी बाधा बन सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द निर्माण पूरा नहीं हुआ तो मेले की व्यवस्थाएं चरमरा सकती हैं।

चलना भी मुश्किल, किसान भी परेशान

सड़क पर जगह-जगह गिट्टी डालकर काम अधूरा छोड़ दिया गया है। दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं, चारपहिया वाहन हिचकोले खा रहे हैं। पैदल चलने वाले लोग भी गिरने से बचते नजर आते हैं। उड़ती धूल से आसपास की फसलें प्रभावित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि महीनों से धूल के गुबार से उत्पादन पर असर पड़ रहा है और नुकसान बढ़ता जा रहा है।

गुणवत्ता पर सवाल, जांच रिपोर्ट अब तक गायब

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क के बेस में निम्न गुणवत्ता की मुर्रम डाली गई है। सैंपल जांच की बात कही गई थी, लेकिन रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। इससे लोगों के मन में शंका और नाराजगी दोनों बढ़ रही हैं।

आंदोलन की चेतावनी

मंदिर ट्रस्ट से जुड़े सदस्यों ने साफ कहा है कि यदि नवरात्र से पहले सड़क तैयार नहीं हुई तो प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। आस्था से जुड़े इस आयोजन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ठेकेदार का जवाब

निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार का कहना है कि निर्माण सामग्री की आपूर्ति में बाधा के कारण देरी हुई है, लेकिन अब काम तेज करने की कोशिश की जा रही है। अब सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क कब तक अधूरी रहेगी?

क्या प्रशासन नवरात्र से पहले हालात संभालेगा, या श्रद्धालुओं को इस बार टूटी सड़क से ही गुजरना पड़ेगा?

फिलहाल गांव में गुस्सा है, और आस्था की राह अब भी अधूरी।