NEWS: इतिहास बना तुलसी विवाह महोत्सव, हाथी-घोड़ा-पालकी संग निकली शालिग्राम बारात, उमड़ा जनसैलाब, रामपुरा बना भक्तिमय नगरी, पढ़े खबर
रिपोर्ट :- रुपेश सारु
रामपुरा। नगर में पिछले आठ दिनों से बह रही धर्म और भक्ति की गंगा का समापन रविवार को भव्य तुलसी विवाह महोत्सव के साथ हुआ। इस अवसर पर नगर में श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि यह आयोजन रामपुरा के धार्मिक इतिहास में एक यादगार अध्याय बन गया। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रतिदिन हजारों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त किया। कथा का वाचन पंडित सोनू शास्त्री (मोलखी वाले) के मुखारविंद से हुआ।

तुलसी विवाह के एक दिन पूर्व रात्रि में भगवान शालिग्राम जी की भव्य बारात निकाली गई, जिसने पूरे नगर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। बारात में हाथी (प्रतीकात्मक) पर भगवान महाकाल, घोड़े पर भगवान शालिग्राम जी तथा पालकी में भगवान श्री सांवरिया सेठ विराजमान थे। रात्रि 8 बजे स्थानीय कल्याण राव मंदिर, बड़ा बाजार से निकली यह भव्य शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी।

नगर के विभिन्न चौराहों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, शीतल पेय वितरण और भव्य आतिशबाजी के साथ बारात का स्वागत किया। आयोजन की भव्यता और श्रद्धालुओं का उत्साह ऐसा था कि लोगों ने इसे रामपुरा में पहली बार देखने को मिला अद्भुत धार्मिक आयोजन बताया।

अगले दिन प्रातः 11 बजे कल्याण राव मंदिर से पुनः बारात निकाली गई, जो सरस्वती शिशु मंदिर पहुंची। यहां बारात का पारंपरिक स्वागत कर वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ तुलसी-शालिग्राम विवाह संपन्न कराया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए स्नेह भोज का आयोजन भी किया गया, जिसकी व्यवस्था सेवानिवृत्त योगेंद्र जी फरर्क्या परिवार द्वारा की गई।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद सुधीर गुप्ता एवं विधायक अनिरुद्ध (माधव) मारू भी शामिल हुए और धर्मलाभ प्राप्त किया। संपूर्ण आयोजन जोशी परिवार एवं कल्याण राव मंदिर समिति के तत्वावधान में संपन्न हुआ।

आयोजकों ने इस ऐतिहासिक एवं भव्य धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले नगर के सभी धर्मप्रेमी नागरिकों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगकर्ताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।