BIG NEWS : गोवंश को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग तेज, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन,केंद्रीय कानून और ‘गोसेवा मंत्रालय’ गठन की भी उठी मांग, नीमच से अभियान को समर्थन,पढ़े खबर

गोवंश को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग तेज, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन,केंद्रीय कानून और ‘गोसेवा मंत्रालय’ गठन की भी उठी मांग,

BIG NEWS : गोवंश को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग तेज, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन,केंद्रीय कानून और ‘गोसेवा मंत्रालय’ गठन की भी उठी मांग, नीमच से अभियान को समर्थन,पढ़े खबर

नीमच।
गोसंरक्षण को लेकर देशभर में चल रहे “गो सम्मान आह्वान अभियान” के तहत राष्ट्रपति के नाम एक महत्वपूर्ण ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है। इस ज्ञापन में भारतीय गोवंश को “राष्ट्रमाता / राष्ट्र आराध्या” का संवैधानिक दर्जा देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।

???? संविधान के अनुच्छेद 48 और 51A(g) का हवाला-
ज्ञापन में कहा गया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 एवं 51A(g) की मूल भावना के अनुरूप गोवंश संरक्षण के लिए ठोस और एकरूप नीति बनाई जानी चाहिए।
साथ ही यह भी मांग की गई कि:देशभर में एकीकृत केंद्रीय कानून बनाया जाए केंद्रीय गोसेवा मंत्रालय की स्थापना की जाए गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं

???? संत समाज और गोभक्तों का संयुक्त आह्वान
यह ज्ञापन संत समाज, गोभक्तों और जागरूक नागरिकों की ओर से सामूहिक रूप से प्रस्तुत किया गया है।
इसमें कहा गया है कि गोवंश भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आस्था का आधार रहा है, लेकिन वर्तमान में यह कई संकटों का सामना कर रहा है।

⚠️ सड़कों पर भटकता गोवंश, दुर्घटनाएं और तस्करी बनी चिंता
ज्ञापन में चिंता जताई गई कि:गोवंश सड़कों पर असुरक्षित स्थिति में है दुर्घटनाओं और तस्करी के मामले बढ़ रहे हैंदेशी नस्लों की संख्या में गिरावट देखी जा रही है इसे राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर विषय बताते हुए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।

???? राष्ट्रपति से निर्णायक कदम उठाने की अपील
ज्ञापन में राष्ट्रपति से आग्रह किया गया है कि:गोवंश को संवैधानिक संरक्षण देकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
और पूरे देश में एक समान नीति लागू की जाए

???? प्रशासन के माध्यम से भेजा गया ज्ञापन
यह ज्ञापन स्थानीय प्रशासन—तहसीलदार, एसडीएम और जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति तक पहुंचाने की प्रक्रिया में है।

गोसंरक्षण को लेकर उठी यह मांग अब एक संगठित अभियान का रूप ले चुकी है,
जिसमें नीमच सहित कई क्षेत्रों से समर्थन मिल रहा है।