BIG NEWS: योग से स्वस्थ तन, शांत मन और सशक्त आत्मा का संदेश: विश्व योग दिवस पर मंदसौर में उमड़ा जनसैलाब, सांसद सुधीर गुप्ता बोले— योग ही जीवन संतुलन का सबसे बड़ा आधार, पढ़े खबर
मंदसौर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" थीम के तहत जिला स्तरीय सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन नूतन स्टेडियम, मंदसौर में उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग साधकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने भाग लेकर योग के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद सुधीर गुप्ता रहे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व मंत्री कैलाश चावला , पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया , कलेक्टर अदिति गर्ग, जिला पंचायत सीईओ अनुकूल जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोलकाता से प्रसारित विश्व योग दिवस संबोधन लाइव दिखाया गया, जिसे उपस्थितजनों ने ध्यानपूर्वक सुना। इसके साथ ही जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम में राष्ट्रपति Droupadi Murmu एवं मुख्यमंत्री Mohan Yadav की सहभागिता का भी उल्लेख किया गया।

सामूहिक योगाभ्यास के बाद जैन संत Pranamya Sagar ने योग के आध्यात्मिक एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थितजनों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया।

अपने संबोधन में सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि योग भारत की हजारों वर्षों पुरानी अमूल्य धरोहर है, जिसका उल्लेख ऋग्वेद सहित अनेक प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। महर्षि पतंजलि ने योग को व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया और समय-समय पर संतों एवं महापुरुषों ने इसे जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग वैश्विक आंदोलन बन चुका है और दुनिया के करोड़ों लोग इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं।

सांसद गुप्ता ने कहा कि मन, आत्मा और शरीर के बीच संतुलन एवं समन्वय ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है और योग इस संतुलन को स्थापित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। योग व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास, अनुशासन और निरोग जीवन प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास अनेक गंभीर बीमारियों से बचाव में सहायक सिद्ध होता है।

उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से बचने तथा जैविक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि "भूमि स्वस्थ रहेगी तो समाज भी स्वस्थ रहेगा।"कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने नियमित योग करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।