SUPER EXCLUSIVE HEADLINE: पीएम आवास की जमीन पर ‘कब्जे का खेल’ या कुछ और? चबूतरा, मूर्ति, धमकियां और बेघर होने का डर... जावद में भड़का बड़ा विवाद, प्रशासन के दरवाजे पहुंचा मामला!, पढ़े पवन राव शिंदे की ये खबर
जावद। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपने सपनों का घर बनाने की तैयारी कर रहे एक परिवार के सामने उस समय संकट खड़ा हो गया, जब उसकी निजी पट्टे की भूमि पर कथित कब्जे और धार्मिक चबूतरा निर्माण का मामला सामने आया। पीड़ित ने तहसील प्रशासन को दिए आवेदन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है और विरोध करने पर पूरे परिवार को धमकियां दी जा रही हैं।

शिकायतकर्ता बलराम बाथरा ने आरोप लगाया कि शासन से स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कार्य शुरू होते ही कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। पहले निर्माण कार्य रुकवाया गया, फिर मजदूरों को डराया-धमकाया गया और बाद में कथित रूप से जमीन पर चबूतरा बनाकर मूर्ति स्थापित कर दी गई।

पीड़ित का कहना है कि उसके पास भूमि के सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं, इसके बावजूद कुछ लोग समूह बनाकर जमीन पर दावा कर रहे हैं। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि संबंधित लोगों द्वारा झूठे मामलों में फंसाने, मकान गिराने और घर में आग लगाने जैसी धमकियां दी गई हैं।

परिवार का आरोप है कि धार्मिक भावनाओं का सहारा लेकर भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो पूरी जमीन हाथ से निकल सकती है और परिवार बेघर हो सकता है।

मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि यह प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा हुआ है। निर्माण कार्य रुकने से योजना की आगामी किश्तों पर असर पड़ सकता है, वहीं ऋण लेकर खरीदी गई निर्माण सामग्री भी खराब होने का खतरा बना हुआ है।

"सपनों का घर या कब्जे की साजिश?"
पीड़ित परिवार का कहना है कि एक तरफ सरकार गरीबों को पक्का मकान देने की योजना चला रही है, वहीं दूसरी ओर उनके सपनों के घर पर संकट मंडरा रहा है। अब पूरा मामला प्रशासनिक जांच और कार्रवाई पर टिक गया है।