BIG NEWS : नीमच में दिल दहला देने वाला मामला-धूप में तिल-तिल जलती रही ज़िंदगी… छत पर कंकाल बनी मिली पत्नी,वीडियो क्लिप से खुला अमानवीय सच: 4–5 साल से दुनिया से कटी थी महिला,“खाना…” एक शब्द ने चीर दिया सन्नाटा, प्रशासन ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया,पढ़े ये खबर
नीमच में दिल दहला देने वाला मामला-धूप में तिल-तिल जलती रही ज़िंदगी… छत पर कंकाल बनी मिली पत्नी,वीडियो क्लिप से खुला अमानवीय सच
(विशेष संवाददाता)
नीमच। यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि इंसानियत को झकझोर देने वाली हकीकत है। शहर के इंदिरा नगर स्थित भगवानपुरा रोड पर गुरुवार को सामने आया मंजर हर संवेदनशील व्यक्ति के दिल को दहला गया।
करीब 40 डिग्री की तपती धूप… खुली छत… टूटी खाट… और उस पर पड़ी एक महिला—न शरीर पर कपड़े, न कोई देखभाल। सिर्फ एक गंदा चद्दर और उसके भीतर सिमटी एक बुझती हुई ज़िंदगी।

छत पर मिला भयावह दृश्य, टीम भी रह गई स्तब्ध--
गोपनीय सूचना और वायरल वीडियो क्लिप के आधार पर सिटी पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग और सामाजिक कार्यकर्ताओं की टीम ने अजीत सोनी के घर पर छापा मारा।
जैसे ही टीम छत पर पहुंची, वहां का दृश्य देखकर हर कोई सन्न रह गया। महिला की हालत इतनी खराब थी कि वह कंकाल जैसी नजर आ रही थी। शरीर बेहद कमजोर, आंखों में खालीपन और आसपास गंदगी का अंबार।
जब अधिकारियों ने उसे आवाज दी, तो उसने बेहद धीमी आवाज में सिर्फ एक शब्द कहा—“खाना…”यह शब्द वहां मौजूद हर व्यक्ति के दिल में उतर गया। तुरंत उसे खाना और पानी दिया गया।पति की पत्नी ही निकली, हालत ने खड़े किए बड़े सवाल ,जांच में सामने आया कि महिला घर के मालिक अजीत सोनी की करीब 40 वर्षीय पत्नी सीमा सोनी है।
सवाल यह है कि एक पत्नी अपने ही घर में इस हालत तक कैसे पहुंच गई?
छत पर खुले आसमान के नीचे, बिना कपड़ों के, गंदगी में पड़ी हालत साफ बता रही थी कि यह लापरवाही एक-दो दिन की नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही थी।

पड़ोसियों की चुप्पी: “हमें लगा कहीं चली गई होगी…”
आसपास रहने वालों ने बताया कि सीमा पहले सामान्य और खुशमिजाज महिला थी।“जब तक उसकी सास जिंदा थी, सब ठीक था… उसके बाद वह धीरे-धीरे गायब हो गई।”पिछले 4–5 साल से किसी ने उसे घर के बाहर नहीं देखा।न उसकी आवाज सुनी, न उसकी मौजूदगी महसूस की।
पति का दावा: डिप्रेशन में थी, लेकिन हालात बयां कर रहे कुछ और पति अजीत सोनी ने सफाई दी कि उसकी पत्नी डिप्रेशन से पीड़ित है और इलाज चल रहा था।उन्होंने यह भी कहा कि मकान में निर्माण कार्य के कारण उसे छत पर लिटाया गया था।
लेकिन जो तस्वीर सामने आई, वह इन दलीलों से कहीं ज्यादा भयावह थी।
क्या मानसिक बीमारी किसी को इस तरह छोड़ देने का कारण बन सकती है?--
यह सवाल अब जांच का विषय है।प्रशासन का रेस्क्यू, अस्पताल में भर्ती ,सिटी थाना प्रभारी पुष्पा चौहान, परियोजना अधिकारी दीपिका नामदेव और उनकी टीम ने महिला का तत्काल रेस्क्यू किया।महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया यह मामला लंबे समय से उपेक्षा का प्रतीत होता है।
कार्रवाई के संकेत: दोषियों पर होगी सख्ती--
महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि—यदि परिजन लापरवाह पाए जाते हैं तो कार्रवाई होगी जरूरत पड़ने पर विभाग महिला की देखभाल अपने स्तर पर करेगा ,
समाज के लिए कड़वा आईना--
यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए सवाल है।एक महिला, जो कभी हंसती-बोलती थी…
आखिर कैसे इस हालत तक पहुंच गई?
और सबसे बड़ा सवाल—
क्या हमने अपने आसपास की खामोश चीखों को अनसुना कर दिया है?
इनका कहना है--
“सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची। महिला बेहद दयनीय स्थिति में मिली। उसके शरीर पर कपड़े तक नहीं थे। प्रथम दृष्टया देखभाल में लापरवाही लग रही है।”
— मीनू लालवानी, सामाजिक कार्यकर्ता
“महिला को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया है। पति ने डिप्रेशन की बात कही है, लेकिन हालत गंभीर सवाल खड़े करती है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई होगी।”
— दीपिका नामदेव, परियोजना अधिकारी